रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का पाँचवाँ एपिसोड आज पूरे प्रदेश में उत्साह की लहर के साथ सफलतापूर्वक प्रसारित हुआ। यह विशेष एपिसोड जेंडर आधारित भेदभाव के खिलाफ चल रहे राष्ट्रीय अभियान “नई चेतना 4.0” को समर्पित था, जिसमें प्रदेशभर की दीदियों की प्रेरक कहानियाँ, अभियान की गतिविधियाँ और महिलाओं की बदलती सोच को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।कार्यक्रम में बताया गया कि नई चेतना 4.0 ग्रामीण समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण बदलने और सामाजिक समानता को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। इस अभियान के तहत जगह–जगह जागरूकता रैलियाँ, समूह चर्चाएँ, नशामुक्ति और बाल विवाह रोकथाम से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें स्व–सहायता समूहों की महिलाओं की भागीदारी बेहद उत्साहजनक रही।

“दीदी के गोठ” का यह एपिसोड महिलाओं को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने, आजीविका गतिविधियों में उनके नेतृत्व को मजबूत बनाने और सरकारी योजनाओं की जानकारी घर–घर तक पहुँचाने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में कई महिलाओं ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानियाँ साझा करते हुए बताया कि समूहों से जुड़ने के बाद कैसे उनकी आर्थिक स्थिति बदली और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि हुई।प्रसारण को राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन, संयुक्त मिशन संचालक श्री आर. के. झा तथा राज्य स्तरीय अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सामूहिक रूप से सुना। अधिकारियों ने कहा कि नई चेतना अभियान समाज में सकारात्मक सोच और महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्रदेशभर के जिलों, विकासखंडों, संकुल और ग्राम संगठनों में लाखों महिलाओं ने सामूहिक रूप से इस प्रसारण का लाभ उठाया। कई स्थानों पर दीदियों ने कार्यक्रम सुनने के साथ–साथ चर्चा सत्र भी आयोजित किए, जिसमें महिला सुरक्षा, समान अधिकार और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर खुलकर विचार रखे गए।एपिसोड के सफल प्रसारण ने एक बार फिर साबित किया कि “दीदी के गोठ” केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में महिला जागरूकता और सशक्तिकरण का प्रभावी मंच बन चुका है।
