
रायपुर / रायपुर की सड़कों पर आज सियासी पारा चरम पर देखने को मिला, जब कांग्रेस ने साय सरकार की कथित विफलताओं और मनरेगा बचाव के मुद्दे को लेकर जोरदार “हल्ला बोल” प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से उमड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी ताकत का अहसास कराया।
इस विशाल आंदोलन में बरमकेला क्षेत्र के कांग्रेसियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जोश और जुनून से लबरेज कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मनरेगा योजना को कमजोर करने और आम जनता की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सरकार को जमकर घेरा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि साय सरकार के कार्यकाल में मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना दम तोड़ रही है, मजदूरों को समय पर काम और भुगतान नहीं मिल रहा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और किसान समस्याओं को लेकर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया गया।
बरमकेला से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि
“जब तक गरीबों और मजदूरों के हक की रक्षा नहीं होगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।”
विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर नजर आया, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोश कम नहीं हुआ। नारे गूंजते रहे—
“मनरेगा बचाओ, हक दिलाओ!”
“साय सरकार जवाब दो!” इस मौके पर सारंगढ़ विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े, जिला महामंत्री महेश देहरी, कन्हैया सारथी, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष ताराचंद पटेल, जिला सचिव बन्टी साहू, जिला उपाध्यक्ष महेश नायक, श्याम मालाकार, सहित बरमकेला क्षेत्र के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
