
सारंगढ़ /
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के नेतृत्व में जल संकट से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक और जनभागीदारी आधारित पहल “मोर गांव, मोर पानी–जल संगवारी महाअभियान” जोर-शोर से संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज जनपद पंचायत बरमकेला अंतर्गत ग्राम देवगांव में इस अभियान का प्रभावी आयोजन किया गया, जहां ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गिरते भूजल स्तर को सुधारना और जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है। इसके तहत सोख्ता गड्ढों का निर्माण कर वर्षा जल को जमीन में समाहित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे भूजल स्तर को रिचार्ज किया जा सके।

सबसे खास और प्रेरणादायक पहल “1 सोख्ता गड्ढा, एक संतान के नाम” है, जिसने ग्रामीणों के दिलों को छू लिया है। इस अनूठी सोच के जरिए हर परिवार अपने बच्चों के नाम पर एक सोख्ता गड्ढा बनाकर भविष्य के लिए जल संरक्षण का संकल्प ले रहा है।
देवगांव में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। लोगों ने जल बचाने और संरक्षित करने का संकल्प लिया, जिससे यह अभियान अब एक जन-आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है।
कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन में चल रहा यह अभियान न सिर्फ वर्तमान जल संकट का समाधान है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित भविष्य की नींव भी रख रहा है। इस महा अभियान मे इंद्रजीत बर्मन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सारंगढ़, अजय पटेल सीईओ बरमकेला, एवं पी एच इ विभाग के अधिकारी मौजूद रहे साथ ही जन प्रतिनिधि डॉ विद्या किशोर चौहान जनपद अध्यक्ष, अजय नायक जिला उपाध्यक्ष जिला पंचायत, अभिलाषा नायक जिला पंचायत सदस्य एवं सभी नागरिक जनप्रतिनिधि उपस्थिति रहे
संदेश साफ है – “पानी बचाओ, भविष्य बचाओ” अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ की पहचान बनता जा रहा है।
