
सारंगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड के ग्राम पंचायत बिलाईगढ़ (ब) के आश्रित ग्राम पीपरखुटा में इन दिनों माहौल गरमाया हुआ है। अवैध अतिक्रमण को लेकर ग्रामीण काफ़ी आक्रोश हैँ,वजह है – स्कूल के सामने शासकीय भूमि पर कथित कब्जे की कोशिश, जिसने पूरे गांव में आक्रोश की आग भड़का दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सेतराम पिता चंद्रेशेखर द्वारा स्कूल के ठीक सामने और सड़क किनारे स्थित सरकारी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से कॉलम और दीवार निर्माण की तैयारी की जा रही है। मौके पर निर्माण सामग्री भी जमा कर ली गई है, जिससे ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। जिससे आज बरमकेला तहसीलदार के पास आकर शिकायत पुनः किया है तथा कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन करने का चेतावनी दिया है,ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर यह निर्माण नहीं रोका गया, तो सबसे बड़ा खतरा स्कूल आने-जाने वाले मासूम बच्चों को होगा।

सड़क संकरी होने और रास्ता बाधित होने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि सेतराम, ग्राम पंचायत के सरपंच बलराम पटेल के सगे बड़े भाई बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इसी प्रभाव के चलते पंचायत के पंचों को गुमराह कर प्रस्ताव अपने पक्ष में पास कराया गया, जो सीधे तौर पर जनहित के खिलाफ है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले को लेकर जून-जुलाई 2025 में तहसीलदार बरमकेला के पास आवेदन भी दिया गया था, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। अब गांव के लोग एकजुट होकर प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को तुरंत रोका जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा और जनहित दोनों सुरक्षित रह सकें। आज बरमकेला तहसीलदार ने जाँच करने मौखिक आदेश पटवारी को दिया गया है जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, जिससे तहसील कार्यालय बरमकेला मे रामकृष्ण,नंद कुमार आनंदराम,मोतीचंद, मुरलीधर, हीराधर,देवानंद, सुनील,ओम प्रकाश, रघुनाथ,ललित, भरतलाल, चंद्रमणि,ललित सिदार,जोगेश्वर एवं हेमलाल सभी ग्रामीण उपस्थित रहे!
