
सारंगढ़-बिलाईगढ़।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लोकप्रिय और संवेदनशील कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के तबादले की खबर सामने आते ही जिलेभर में मायूसी छा गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आम जनता खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रही है। फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर लोगों के भावुक पोस्ट और विरोध भरी टिप्पणियां तेजी से वायरल हो रही हैं।

जिले के लोगों का कहना है कि डॉ. संजय कन्नौजे केवल एक प्रशासनिक अधिकारी नहीं थे, बल्कि जनता के लिए मसीहा बनकर काम कर रहे थे। उन्होंने आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और त्वरित समाधान करने की कार्यशैली से जनता के दिलों में खास जगह बनाई। कलेक्टर के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान जिले में कई विकास कार्यों को गति मिली। सुशासन शिविरों के माध्यम से गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनना, प्रशासन को जनता के करीब लाना, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लगातार सक्रिय रहना उनकी पहचान बन गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डॉ. कन्नौजे की कार्यशैली की जमकर सराहना होती रही। लोगों का कहना है कि पहली बार ऐसा महसूस हुआ कि प्रशासन वास्तव में जनता के बीच पहुंचा है। यही वजह है कि उनके तबादले की खबर ने लोगों को भावुक कर दिया है।
सोशल मीडिया में लोग लिख रहे हैं कि “ऐसे संवेदनशील और कर्मठ कलेक्टर बार-बार नहीं मिलते”, वहीं कई लोगों ने शासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए तबादले का विरोध भी जताया है। जिलेभर में यह चर्चा तेज हो गई है कि जिस अधिकारी ने कम समय में जनता का विश्वास जीता, उनका अचानक तबादला लोगों को स्वीकार नहीं हो रहा।सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में फिलहाल एक ही चर्चा है—“जनता का कलेक्टर चला गया, अब जिले की आवाज कौन बनेगा?”
