सारंगढ़–बिलाईगढ़/ छत्तीसगढ़ सरकार के लोकप्रिय जनसंवाद कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का चतुर्थ एपिसोड 13 नवंबर 2025 को प्रसारित होने जा रहा है। इस विशेष अवसर पर,सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले सहित बरमकेला ब्लॉक में भी तैयारियाँ जोरों पर हैं। जिले के ग्रामीण इलाकों, पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों और नगरीय क्षेत्रों में कार्यक्रम के सामूहिक श्रवण हेतु व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं।

जिले के प्रभारी डीपीएम रामफल केंवट ने बताया —“दीदी के गोठ” सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुका है। इस संवाद के जरिए राज्य सरकार की योजनाएँ और जनता की भावनाएँ एक-दूसरे से जुड़ती हैं। कल जिले के सभी क्लस्टरों में सामूहिक श्रवण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस संवाद में भाग लेकर अपनी सहभागिता दर्ज कराएं।”
जनपद पंचायत बरमकेला की कुसुम भगत ने कहा — “दीदी के गोठ हमारे लिए गर्व का अवसर है। यह संवाद गांव-गांव में नई सोच और विकास की दिशा लेकर आता है। हम सभी को मिलकर इसे सुनना चाहिए और सरकार की, जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेनी चाहिए। बरमकेला क्षेत्र के सभी क्लस्टर स्तरों पर श्रवण कार्यक्रम की पूरी तैयारी कर ली गई है।”
जिलेभर में बजेगी “दीदी के गोठ” की गूंज
कार्यक्रम का प्रसारण 13 नवंबर को दोपहर 2:00 बजे से हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा में आकाशवाणी के सभी केंद्रों से किया जाएगा। वहीं सरगुजिया भाषा में अंबिकापुर केंद्र से और बस्तरिया भाषा में जगदलपुर केंद्र से दोपहर 2:30 बजे से प्रसारण होगा। सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के सभी विभागों और पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे “दीदी के गोठ” के श्रवण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही सभी स्तरों पर अधिक से अधिक जनभागीदारी और प्रचार-प्रसार किया जाए।
प्रशासन ने दिए दिशा-निर्देश
सभी जनपद पंचायतों, ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, महिला समूहों, स्व-सहायता समूहों में सामूहिक श्रवण स्थल बनाए जा रहे हैं। कार्यक्रम की सहभागिता का विवरण गूगल शीट में दर्ज किया जाएगा। “दीदी के गोठ” से संबंधित क्रिएटिव्स और पोस्टर्स सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक साझा करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। कार्यक्रम उपरांत फोटोग्राफ्स और रिपोर्ट्स राज्य स्तर पर भेजी जाएंगी।
“दीदी के गोठ” — संवाद से समाज तक
“दीदी के गोठ” अब केवल संवाद कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी बन गया है। सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले एवं बरमकेला ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह चरम पर है। महिलाएं, किसान, युवा और विद्यार्थी सभी इस संवाद को सुनने के लिए उत्साहित हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपील की है कि हर व्यक्ति अपने गाँव, संस्था या समूह में इस कार्यक्रम को सामूहिक रूप से सुने, ताकि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुँचे।
