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डॉ. दुष्यन्त कुमार पटेल को शिक्षा जगत में उत्कृष्ट योगदान हेतु मिला उच्च सम्मान,राज्यपाल एवं उच्च शिक्षा मंत्री के हाथों कलिंगा विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में किया गया सम्मानित

DEVRAJ DEEPAK
By DEVRAJ DEEPAK  - EDITOR IN CHIEF
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बरमकेला। शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए डॉ. दुष्यन्त कुमार पटेल को प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के 10वें राज्यपाल माननीय रमेन डेका जी एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा जी द्वारा कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के पंचम दीक्षांत समारोह में दिनांक 12 नवंबर 2025 को प्रदान किया गया।इस महत्वपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में गर्व और उपलब्धि का माहौल देखने को मिला।

समाज के लिए समर्पित एक सशक्त शैक्षणिक व्यक्तित्व

डॉ. दुष्यन्त कुमार पटेल, जिन्होंने समाजशास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है, शिक्षा के क्षेत्र में एक अग्रणी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा और समाज के प्रति समर्पण ने उन्हें इस सम्मान का योग्य पात्र बनाया है।
नई पीढ़ी को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने का उनका संकल्प प्रशंसनीय है और युवाओं के लिए प्रेरणादायक मार्ग प्रस्तुत करता है।

परिवार एवं समाज का सम्मान बढ़ाया

डॉ. पटेल स्वर्गीय बुधराम पटेल (रिटायर्ड व्याख्याता) और श्रीमती रुक्मणी पटेल के सुपुत्र हैं तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के बरमकेला क्षेत्र से आते हैं।उनकी सफलता ने न केवल उनके गांव-क्षेत्र का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे अघरिया समाज को गौरवान्वित किया है।इस अवसर पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए डॉ. दुष्यन्त कुमार पटेल ने कहा— “यह सम्मान मुझे शिक्षा के माध्यम से समाज की सेवा के लिए और अधिक प्रेरित करेगा। यह उपलब्धि मेरे माता-पिता के आशीर्वाद, चारों बहनों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से ही संभव हो पाई है।”

समाज से मिली शुभकामनाएं

डॉ. पटेल की इस उपलब्धि पर अखिल भारतीय अघरिया समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती ऊषा पटेल जी, समस्त पदाधिकारियों सहित सभी सामाजिक बंधुओं ने हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. पटेल भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में समाज का मान-सम्मान बढ़ाते रहेंगे।डॉ. दुष्यन्त कुमार पटेल की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम की सफलता है, बल्कि समाज और क्षेत्र के लिए भी गौरवपूर्ण पल है।यह सम्मान नई पीढ़ी को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने और समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा देता रहेगा।

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