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सरपंच संघ की बैठक में 15वें वित्त आयोग की राशि शीघ्र जारी करने की मांग तेज ग्रामीण विकास कार्य ठप, पंचायतें फंड के अभाव में बेबस,

DEVRAJ DEEPAK
By DEVRAJ DEEPAK  - EDITOR IN CHIEF
3 Min Read

सारंगढ़-बिलाईगढ़।
जिले में पंचायत चुनाव समाप्त हुए काफ़ी समय हो चुका है, लेकिन अब तक ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की राशि प्राप्त नहीं होने से विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर जिला सरपंच संघ सारंगढ़-बिलाईगढ़ की महत्त्वपूर्ण बैठक संघ के जिलाध्यक्ष खगेश्वर रात्रे के नेतृत्व में संपन्न हुई। बैठक में जिले के सभी ब्लॉकों से आए सरपंच संघ के ब्लॉक अध्यक्ष मोहन पटेल बरमकेला ब्लॉक अध्यक्ष, टीकाराम पटेल सारंगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष एवं धनबाई हीरा साहू बिलाईगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष व सभी उपस्तिथ सरपंचों ने एक स्वर में कहा कि फंड न मिलने से वे केवल नाममात्र के सरपंच बनकर रह गए हैं।

गांवों की मूलभूत जरूरतें—
नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन, पानी की सुविधा, छोटे-बड़े मरम्मत कार्य जैसे दैनिक विकास कार्य पूरी तरह बंद हो गए हैं।

जिला सरपंच संघ का बैठक

जिलाध्यक्ष खगेश्वर रात्रे ने कहा कि—
“ग्राम पंचायतें विकास की पहली कड़ी होती हैं, यदि पंचायतों को ही समय पर राशि नहीं मिलेगी तो गांवों का विकास कैसे होगा? हमें जनता ने सेवा और विकास के लिए चुना है, लेकिन फंड के अभाव में हम असहाय हैं।”उन्होंने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द ही राशि जारी नहीं की गई तो जिलेभर के सरपंच चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

बैठक में यह भी कहा गया कि पंचायतों का अपना राजस्व बहुत कम होता है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान पर ही पूरी निर्भरता रहती है। ऐसे में 15वें वित्त आयोग की राशि न मिलने से लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है और कई जगह सरपंचों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक के प्रमुख निर्णय :

15वें वित्त आयोग की राशि अविलंब जारी करने की मांग

पंचायतों के विकास कार्यों को पुनः प्रारंभ करने पर ज़ोर

यदि अनदेखी जारी रही तो विरोध प्रदर्शन की तैयारी

सरपंचों ने कहा कि प्रशासन की उपेक्षा से ग्रामीण विकास की रफ्तार रुक गई है। आम जनता ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन फंड न मिलने से ग्राम पंचायतें पूरी तरह ठप हैं, जिससे विवाद और आक्रोश की स्थिति बन रही है।बैठक में जिले के सभी पंचायत प्रतिनिधियों ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि—
“गांवों का विकास रोका न जाए, 15वें वित्त आयोग की राशि तत्काल जारी की जाए।”

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