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बरमकेला की ‘राजनीति पाठशाला’ बनी बंशी चाय वाले की दुकान, फेमस चाय दुकान

DEVRAJ DEEPAK
By DEVRAJ DEEPAK  - EDITOR IN CHIEF
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बरमकेला
जनपद पंचायत कार्यालय के ठीक बगल में स्थित बंशी चाय वाले की दुकान आज बरमकेला में एक अलग ही पहचान बना चुकी है। साधारण सी दिखने वाली यह चाय की दुकान अब केवल चाय पीने की जगह नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चाओं, सामाजिक संवाद और जनसमस्याओं पर मंथन का प्रमुख केंद्र बन गई है। यही कारण है कि लोग इसे मज़ाकिया अंदाज़ में “बरमकेला की राजनीति पाठशाला” कहने लगे हैं।
सुबह से लेकर शाम तक यहां हर वर्ग के लोग नजर आते हैं—जनप्रतिनिधि, कर्मचारी, किसान, युवा, बुजुर्ग और आम नागरिक। चाय की चुस्की के साथ स्थानीय राजनीति, विकास कार्य, जनहित के मुद्दे और सामाजिक विषयों पर खुलकर चर्चा होती है। कई बार गंभीर विषयों पर होने वाली यह चर्चा किसी बैठक से कम नहीं लगती।


इस दुकान के संचालक बंशी यादव अपनी सादगी, मिलनसार स्वभाव और बेहतर सेवा के लिए खास तौर पर जाने जाते हैं। वर्षों से वे बरमकेला में निरंतर सेवा दे रहे हैं। समय की पाबंदी, साफ-सफाई और स्वादिष्ट चाय ने उनकी दुकान को खास बना दिया है। ग्राहक बताते हैं कि बंशी यादव हर व्यक्ति से समान व्यवहार करते हैं, यही वजह है कि यहां बैठने वालों में कोई भेदभाव नहीं दिखता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार महत्वपूर्ण राजनीतिक विचार और जनहित से जुड़े सुझाव यहीं से निकलकर आगे तक पहुंचे हैं। यही कारण है कि यह दुकान बरमकेला की सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों का एक अनौपचारिक केंद्र बन चुकी है।
कुल मिलाकर, बंशी चाय वाले की दुकान न केवल चाय के स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि संवाद, विचार और जनचेतना की मिसाल भी बन गई है। बरमकेला की पहचान में इस छोटी-सी दुकान का योगदान आज किसी से छिपा नहीं

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