बरमकेला ।
प्रदेश में सतनामी समाज के पूज्य संत परम पूज्य गुरु घासीदास जी महाराज के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी और गाली-गलौज भरी वीडियो वायरल होने के बाद समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। रायगढ़ निवासी विजय राजपूत नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक एवं वाट्सअप पर एक वीडियो पोस्ट किया गया है, जिसमें संत घासीदास जी के खिलाफ अभद्र भाषा और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। इस वीडियो को देखने के बाद समाज के लोगों में तीव्र रोष व्याप्त हो गया है और पूरे प्रदेश में इसका विरोध शुरू हो गया है।दिनांक 31अक्टूबर 2025 को समस्त सतनामी समाज बरमकेला के पदाधिकारी और सैकड़ों समाजजन एकत्र होकर थाना बरमकेला पहुँचे और थाना प्रभारी को एक लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत में समाजजनों ने कहा कि आरोपी विजय राजपूत ने जानबूझकर ऐसा वीडियो बनाकर पोस्ट किया है जिससे सतनामी समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कार्य किया गया है।समाज के लोगों ने कहा कि संत गुरु घासीदास जी न केवल सतनामी समाज के बल्कि पूरे मानव समाज के प्रतीक हैं, जिन्होंने सत्य, अहिंसा, समानता और मानवता का संदेश दिया। ऐसे संत के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। यह कार्य न केवल एक समाज के प्रति घृणा फैलाने का प्रयास है, बल्कि समाज में वैमनस्यता और धार्मिक सौहार्द को भंग करने की साजिश भी है।शिकायत में समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि आरोपी विजय राजपूत द्वारा की गई यह हरकत आईटी एक्ट और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले अपराधों की श्रेणी में आती है। समाज ने मांग की है कि पुलिस तत्काल मामले की जाँच कर आरोपी और उसके सहयोगियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी धर्म या समाज के पूज्य संत-महापुरुषों के खिलाफ इस तरह की अभद्रता करने की हिम्मत न करे।

इस मौके पर मुख्य रूप से सतनामी समाज विकास बरमकेला के वरिष्ट एस. एल. बंजारे जी, जयलाल रात्रे , रामधारी रात्रे, संजय कुर्रे, सुखराम नवरंगे एवं युवा सतनामी बबन भारती, जगमोहन मीरी, हरी भारती, अशोक मिरी, विक्रम भारती, रूपेश, राहुल, खुशी सभी उपस्थित रहे।। समाज के कई जिम्मेदार पदाधिकारी उपस्थित थे, सभी ने संयुक्त रूप से थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं होती, तो समाज चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।समाज के नेताओं ने यह भी कहा कि सतनामी समाज हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखता आया है, लेकिन किसी भी प्रकार के धार्मिक अपमान को सहन नहीं करेगा। समाज के युवाओं ने भी चेतावनी दी कि अगर प्रशासन द्वारा उचित कदम नहीं उठाया गया, तो पूरे जिले और प्रदेश में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।थाना प्रभारी ने समाजजनों को आश्वासन दिया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानून के दायरे में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला अब सिर्फ रायगढ़ या बरमकेला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेशभर के सतनामी समाज में रोष की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर भी समाज के लोग एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं।समाज ने अंत में प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों में जल्द से जल्द कार्यवाही की जाए ताकि समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखा जा सके।
