
— गीता पटेल, संवाददाता, सारबिला टाइम्स्
सारंगढ़ / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूल परीक्षा के दौरान जिले में परीक्षा केंद्रों की निगरानी एवं अनुचित साधनों की रोकथाम हेतु कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा एक जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल का गठन किया गया था।
इस दल का मुख्य उद्देश्य परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखना एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की निगरानी करना था। किंतु इस दौरान प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल. पी. पटेल द्वारा बिना कलेक्टर की पूर्वानुमति एवं निर्देश के उड़नदस्ता दल में मनमाने तरीके से परिवर्तन एवं संशोधन किया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने इतना ही नहीं बल्कि तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी को कथित रूप से धमकी देने, दुर्व्यवहार करने तथा वेतन रोकने जैसे गंभीर आरोपों से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
इन सभी मामलों पर श्री पटेल को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया, जिसका जवाब उन्होंने निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत नहीं किया। फलस्वरूप, राज्य शासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1 )क के तहत श्री एल. पी. पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा, संभाग बिलासपुर कार्यालय में निर्धारित किया गया है।
यह कार्रवाई जिले में पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
📌 सारांश:
परीक्षा दल में बिना अनुमति के बदलाव
दुर्व्यवहार और धमकी के गंभीर आरोप
कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं
शासन ने तत्काल किया निलंबन
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