नवा रायपुर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत आधार देने वाली “लखपति महिला पहल” को नई गति और दिशा मिल रही है। इसी कड़ी में 24 नवंबर को नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की द्वितीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव द्वारा की गई। इस अवसर पर महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संचालक श्री तारन प्रकाश सिन्हा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

बैठक में मिशन संचालक श्री अश्वनी देवांगन एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए लखपति महिला पहल की प्रगति, विभागीय समन्वय और आगामी लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की। यह पहल महिलाओं को आजीविका एवं उद्यमिता के माध्यम से 1 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आमदनी दिलाने का सशक्त लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। राज्य भर में महिलाओं की आर्थिक उन्नति हेतु यह कार्यक्रम परिवर्तन की बड़ी मिसाल बन रहा है।
बैठक के मुख्य निर्णय
लखपति दीदियों को सभी सरकारी योजनाओं में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी
प्रत्येक विभाग द्वारा योजनाओं की संक्षेपिका “बिहान” (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) के साथ साझा करना अनिवार्य
जिले एवं विकासखंड स्तर पर अधिकारियों की उन्मुखीकरण कार्यशालाएँ आयोजित की जाएँगी
आगामी लक्ष्यों की पूर्ति हेतु सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करेंगे

महिलाओं की आर्थिक प्रगति की ओर सशक्त कदम
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि राज्य की दीदीयां आज केवल समूह की सदस्य नहीं, बल्कि सफल उद्यमी के रूप में उभर रही हैं। उन्हें कृषि आधारित गतिविधियाँ, लघु उद्योग, सेवा क्षेत्र एवं डिजिटल स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ते हुए उनकी आय में बहुआयामी वृद्धि की जा रही है।सरकार का लक्ष्य है कि हर घर से एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त बने और अपने परिवार की मजबूती का स्तंभ बने। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएँ अब उन्नत प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग के साथ बड़ी बाजार चुनौतियों का सामना करने को तैयार हैं।
सशक्त महिलाएँ — सशक्त छत्तीसगढ़
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागीय तालमेल और सतत् निगरानी से यह पहल ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल करेगी। “लखपति महिला पहल” राज्य की महिलाओं को गरीबी से समृद्धि की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बनकर तेजी से आगे बढ़ रही है।
महिला सशक्तिकरण की नई कहानी — गाँव से उठ रही समृद्धि की आवाज।
