ग्राम पंचायत रीवापार में 15वें वित्त योजना के कार्य नियमपूर्वक, ग्रामीणों ने सरपंच के समर्थन में दिया बयान
सारंगढ़/ सारंगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत रीवापार में 15वें वित्त आयोग की राशि में गड़बड़ी और फर्जी बिल के माध्यम से आहरण के लगाए गए आरोपों पर प्रशासनिक जांच के बाद तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। जांच प्रतिवेदन में सरपंच पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और कार्यों को प्रक्रिया अनुसार संपादित किया जाना पाया गया है।

शिकायत के आधार पर जनपद पंचायत स्तर से जांच टीम गठित की गई थी, जिसमें संबंधित अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर दस्तावेजों का परीक्षण किया। जांच के दौरान पंचायत सचिव, सरपंच एवं ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए गए। दस्तावेजों की समीक्षा में यह पाया गया कि 15वें वित्त आयोग अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की राशि का उपयोग प्रस्ताव एवं नियमों के अनुरूप किया गया है।
सरपंच श्रीमती अनीता निराला ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव के आधार पर ही कार्यों की स्वीकृति एवं भुगतान की प्रक्रिया अपनाई गई। पीएफएमएस के माध्यम से हितग्राहियों एवं सप्लायरों के खातों में भुगतान किया गया, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा कि सीसी रोड, स्ट्रीट लाइट एवं अन्य विकास कार्य गांव की आवश्यकता के अनुरूप कराए गए हैं।
ग्राम पंचायत सचिव ने भी पुष्टि की कि सभी भुगतान शासन के निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से किए गए तथा आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखे गए हैं। जांच के दौरान मौके पर कई कार्य पूर्ण अथवा प्रगति पर पाए गए।
ग्रामीणों ने भी सरपंच के पक्ष में बयान देते हुए कहा कि गांव में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है, हैंडपंपों का नियमित रखरखाव हो रहा है तथा सीसी रोड निर्माण कार्य से आवागमन सुगम हुआ है। कुछ निर्माण कार्य सामग्री उपलब्धता के कारण प्रगति पर हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण किया जाएगा।
ग्रामवासियों का कहना है कि विकास कार्यों को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि निराधार शिकायतों पर अंकुश लगाया जाए ताकि पंचायत का विकास कार्य बाधित न हो।
कुल मिलाकर जांच रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि पंचायत में विकास कार्य नियमानुसार किए गए हैं और सरपंच के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रमाणित नहीं हो सके। ग्रामीणों ने एकजुट होकर विकास की गति बनाए रखने का संकल्प दोहराया है।
