
सारंगढ़/तपती गर्मी में राहत की तलाश में आम जनता जब ठंडे पेय की ओर रुख करती है, तो वहीं बाजार में कुछ दुकानदार इस जरूरत को मुनाफे का जरिया बनाकर खुलेआम जेब काटने में लगे हैं। Thums Up की बोतल पर साफ-साफ 20 रुपये प्रिंट होने के बावजूद 25 रुपये वसूले जा रहे हैं। यह सिर्फ ओवरचार्जिंग नहीं, बल्कि दिन-दहाड़े उपभोक्ताओं के साथ सीधी लूट है।
हैरानी की बात यह है कि यह खेल एक-दो दुकानों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा है। हर गली, हर चौराहे पर एक ही रेट—25 रुपये! और प्रशासन? सब कुछ देखकर भी आंखें मूंदे बैठा है। सवाल उठता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह “लूट तंत्र” फल-फूल रहा है?
इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के कार्यकारी जिलाध्यक्ष देवराज दीपक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासनिक ढिलाई पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने इसे “अंधेर नगरी चौपट राजा” की जीवंत तस्वीर बताया है।
देवराज दीपक कार्यकारी जिलाध्यक्ष
“प्रिंट रेट 20 और वसूली 25—यह सीधा-सीधा जनता की जेब पर डाका है। प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है। क्या अधिकारियों को यह लूट दिखाई नहीं दे रही या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? अगर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मनमानी और बढ़ेगी। हम मांग करते हैं कि ऐसे दुकानदारों पर छापेमार कार्रवाई हो और जनता को न्याय मिले।”
⚡ जनता का गुस्सा — प्रशासन कब जागेगा?
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस खुली लूट पर कब तक चुप्पी साधे रहते हैं या फिर कार्रवाई कर “न्याय” का संदेश देते हैं। फिलहाल तो हालात यही कह रहे हैं— “जो जितना चाहे, उतना वसूलो… कोई पूछने वाला नहीं!”
