
कैलाश पण्डा बोले – प्रशिक्षण नहीं, यह वैचारिक क्रांति का महाअभियान है
सारंगढ़- बिलाईगढ़ | राजनीति केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों की लड़ाई है… और इस लड़ाई को जीतने के लिए जरूरी है मजबूत सोच, अनुशासन और सतत प्रशिक्षण। इसी मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 के अंतर्गत सारंगढ़ और बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्रों में एक भव्य एवं ऊर्जावान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां कार्यकर्ताओं में जोश, जुनून और संगठन के प्रति समर्पण साफ देखने को मिला।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश पण्डा ने अपने ओजस्वी और प्रेरणादायी शब्दों से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार कर दिया। उन्होंने कहा—
“प्रशिक्षण केवल सीखने की प्रक्रिया नहीं है, यह एक ऐसा अनुष्ठान है जो कार्यकर्ता के भीतर छिपी वैचारिक शक्ति को जागृत करता है, उसे निखारता है और उसे संगठन के लिए अडिग योद्धा बनाता है।”

बूथ मैनेजमेंट: जीत की असली कुंजी
अपने संबोधन में कैलाश पण्डा ने स्पष्ट किया कि किसी भी चुनाव की असली लड़ाई बूथ स्तर पर लड़ी जाती है।
“अगर बूथ मजबूत है, तो जीत निश्चित है। बूथ ही संगठन की रीढ़ है और कार्यकर्ता उसकी आत्मा।”
“बूथ मैनेजमेंट” पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी, अनुशासन और सतत सक्रियता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता को अपने बूथ को परिवार की तरह समझना होगा, तभी संगठन अजेय बनेगा।

“मन की बात” से जन-जन तक संवाद
प्रशिक्षण के दौरान “मन की बात” विषय पर भी विशेष चर्चा की गई। कैलाश पण्डा ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इसे घर-घर तक पहुंचाकर समाज के हर वर्ग को जोड़ने का काम करें।
भाजपा: विचार और संगठन का विराट स्वरूप
कैलाश पंडा ने अपने उद्बोधन में उन्होंने गर्व के साथ कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक दल है, और इसका श्रेय केवल नेतृत्व को नहीं बल्कि उन करोड़ों निष्ठावान कार्यकर्ताओं को जाता है, जो दिन-रात राष्ट्र निर्माण में जुटे हुए हैं। “भाजपा केवल एक पार्टी नहीं, यह एक विचारधारा है… एक परिवार है… एक राष्ट्र निर्माण का संकल्प है।”
कार्यकर्ता: संगठन की असली ताकत
कैलाश पण्डा ने कार्यकर्ताओं को संगठन की नींव बताते हुए कहा—“कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत हैं। उनके बिना संगठन केवल एक ढांचा है, लेकिन कार्यकर्ताओं के साथ वही ढांचा एक मजबूत किला बन जाता है।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पार्टी के विचार ही कार्यकर्ताओं के प्राण हैं, और इन्हीं विचारों के बल पर भाजपा हर चुनौती का सामना करती है।
प्रशिक्षण से तैयार होते हैं अजेय योद्धा
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर केवल जानकारी देने के लिए नहीं होते, बल्कि यह कार्यकर्ताओं को मानसिक, वैचारिक और संगठनात्मक रूप से मजबूत बनाने का माध्यम हैं।
“यही प्रशिक्षण हमें बूथ स्तर पर अजेय बनाता है… यही हमें हर चुनौती के सामने अडिग खड़ा रखता है… और यही हमें राष्ट्र सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।” सारंगढ़ और बिलाईगढ़ में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि संगठन की शक्ति, कार्यकर्ताओं के उत्साह और विचारों की मजबूती का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
यहां से निकला हर कार्यकर्ता अब केवल समर्थक नहीं, बल्कि एक जागरूक, प्रशिक्षित और समर्पित राष्ट्रनिर्माता बनकर अपने-अपने क्षेत्र में परिवर्तन की नई कहानी लिखने को तैयार है।
