
सारंगढ़-बिलाईगढ़।
छत्तीसगढ़ शासन सहकारिता विभाग, मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर से जारी आदेश ने एक बार फिर जिले के सहकारिता महकमे में हलचल मचा दी है। अवर सचिव देवलाल भारती के आदेशानुसार सहायक आयुक्त सहकारिता व्यासनारायण साहू का स्थानांतरण रायगढ़ जिले में कर दिया गया है, जबकि उनकी जगह कमलेश कुमार कश्यप को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पदस्थ किया गया है, जो जांजगीर-चांपा जिले से यहां पहुंचे हैं।
विवादों से घिरे रहे व्यासनारायण साहू
जिले में अपनी कार्यशैली को लेकर व्यासनारायण साहू हमेशा सुर्खियों में बने रहे। खासकर धान खरीदी के समय उनका रवैया चर्चा का विषय रहा।
वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रबंधकों को धान खरीदी कम करने के लिए दबाव बनाते थे और कई बार उनका लहजा धमकी भरा भी होता था। जिसकी वीडियो शोशल मिडिया मे जमकर वायरल हुआ था, इस कारण किसानों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला।
प्रबंधक नियुक्ति पर भी उठे सवाल
हाल ही में जिले में 15 नए सेवा सहकारी समितियों के गठन के बाद प्रबंधकों की नियुक्ति को लेकर भी सवालों का दौर जारी है। सूत्र बताते हैं कि समिति विभाजन के दौरान कार्यरत कर्मचारियों को दफ्तर बुलाकर कभी दो तो कभी तीन सदस्यों के बीच चयन की प्रक्रिया अपनाई गई, प्रबंधक नियुक्ति के लिए चर्चाए कि गई फिलहाल अभी प्रबंधक नियुक्त नहीं किया गया है, अगर ऐसे नियुक्त कर दिया जाएगा तो सवाल खड़ा होना स्वभाविक है जिससे पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर विभाग पहले से ही चर्चा और विवादों में घिरा हुआ है।
नए अधिकारी से नई उम्मीदें
अब जिले में नए सहायक आयुक्त के रूप में कमलेश कुमार कश्यप की एंट्री हुई है। ऐसे में किसानों और विभागीय कर्मचारियों को उनसे काफी उम्मीदें हैं कि वे पारदर्शिता, निष्पक्षता और बेहतर कार्यशैली के साथ विभाग को नई दिशा देंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि नए अधिकारी के आने के बाद सहकारिता विभाग में चल रहे विवादों पर कितना अंकुश लगता है और किसानों को राहत मिलती है या नहीं। फिलहाल, ट्रांसफर के इस फैसले ने जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है और हर नजर अब नए अफसर के कामकाज पर टिकी हुई है।
